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सकारात्मक सोच व ऊर्जावान मनोस्थिति सफल वयोवृद्धता के लिए अहम : प्रो.पूनम टंडन

Alok Kumar Tiwari 1 year ago 58 views 02 Oct 2024
सकारात्मक सोच व ऊर्जावान मनोस्थिति सफल वयोवृद्धता के लिए अहम : प्रो.पूनम टंडन
बुद्ध पीजी कॉलेज में सफल वयोवृद्धता: मुद्दे और चुनौतियां पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
सकारात्मक सोच व ऊर्जावान मनोस्थिति सफल वयोवृद्धता के लिए अहम : प्रो.पूनम टंडन
(आलोक कुमार तिवारी)
कुशीनगर । बुद्ध पीजी कालेज कुशीनगर के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आईसीएसएसआर- एनआरसी द्वारा प्रायोजित सफल वयोवृद्धता: मुद्दे व चुनौतियां विषयक दो दिवसीय संगोष्ठी का मंगलवार को बतौर मुख्य अतिथि उदघाटन करती हुयी दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कहा कि वृद्धजनों को अपने जीवन की प्राथमिकता में रखना और उनकी चिन्ता करना समाज की सबसे बड़ी सेवा है। जीवंतता व सक्रियता वृद्धावस्था को समस्या नहीं बनने देती। कहा कि कालेज में पाली भाषा व साहित्य की पढ़ाई के लिए भवन निर्माण का काम चल रहा है। यहां आने वाले समय में एडवांस कोर्सेज की भी पढ़ाई होगी। कुलपति ने कहा कि ऐसे सेमिनार व एकेडमिक कार्यक्रम रैंकिंग दिलाने में योगदान देते हैं। उदघाटन भाषण के बाद कुलपति ने निर्माणाधीन पॉली अध्ययन केन्द्र का निरीक्षण करते हुए आश्चर्य व्यक्त किया कि तीन माह में बहुत बड़ा कार्य हुआ है। कहा कि आज कालेज की मेरी तीसरी विजिट है और यहाँ हर बार कुछ नया विकास कार्य होते हुए देखती हूँ। उन्होंने इसके लिए प्राचार्य व प्रबंध तंत्र को बधाई दी । मुख्य वक्तव्य देते हुए ओपी जिन्दल विश्वविद्यालय सोनीपत में व्यवहार विज्ञान विभाग संस्थापक निदेशक प्रो एसपी साहनी ने कहा कि विश्व में नीति योजना निर्माताओं द्वारा वृद्ध जनों के मुद्दे अछूते है। आजकल जहाँ बच्चे अपने बेहतर भविष्य के लिए घर को छोड़ रहे है। यह वृद्धि की चिन्ता व सेवा की दृष्टि से बड़ी समस्या का कारण है। इसलिए समाज व राज्य का यह दायित्व है कि परिवार में वृद्धों के देखभाल के लिए उचित कदम उठाए। सामुदायिक मनोविज्ञान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो एवी मदनावत ने कहा कि सक्रियता उम्र नहीं आदत का विषय है। मन से बूढ़ा होने के बजाय ज़िन्दगी में शरारतें करती रहना चाहिए। इससे जीवंतता बनी रहती है। प्रो जीतेन्द्र मोहन ने कहा कि वृद्धावस्था खात्मे की अवस्था नहीं है। यह भाव जब तक रहेगा तबतक वृद्धावस्था प्रभावी नहीं होगी। टीपीएन महाविद्यालय कानपुर के पूर्व प्राचार्य व मनोविज्ञान के प्रो एनके सक्सेना ने कहा कि सफल वृद्धावस्था के लिए शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य , अर्थपूर्ण व्यस्तता , सक्रियता और जीवन में गत्यात्मकता जरूरी है। इसके लिए मारने की चिंता, मरने का विचार और स्मृति भंग से बचना जरूरी है। कहा कि प्रसन्नता, सम्मान व बातचीत करते रहने से इससे बचा जा सकता है। डॉ आदेश अग्रवाल ने अच्छी व्यवस्था से युक्त जीवन को कुशल वयोवृद्धता की कुँजी बताया। महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के सचिव वीरेन्द्र सिंह अहलूवालिया ने कहा कि वृद्धावस्था मन का विकल्प है। सक्रियता इससे दूर रखती है। अध्यक्षता कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष व प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष भदन्त एबी ज्ञानेश्वर ने किया। कार्यक्रम की भूमिका व रूपरेखा संयोजक प्रो अमृतांशु शुक्ल ने रखा। अतिथि परिचय प्रो रामजी लाल ने दिया। बीज वक्तव्य प्रो.एस.पी. साहनी ने दिया। प्राचार्य प्रो विनोद मोहन मिश्र ने स्वागत किया। प्रो रामभूषण मिश्र ने आभार ज्ञापित किया। संचालन आयोजन सचिव प्रो सीमा त्रिपाठी ने किया। संगोष्ठी में स्मारिका व एक अन्य पुस्तक का विमोचन भी हुआ। पहले दिन मंगलवार को सेमिनार में तीन सत्र चला। इस दौरान शिक्षक ,कर्मचारी व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
सम्मानित कर स्मृतियों को किया साझा:- 
कालेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के पहले दिन मनोविज्ञान विभाग में कार्यरत रहे आचार्यों के स्मृतियों में उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में प्रो. राघवेन्द्र शरण सिंह के पुत्र शैलेश सिंह, डा.अष्टानंद तिवारी के पुत्र डा.अमित त्रिपाठी व प्रो.बृजकिशोर तिवारी के भाई कृपाशंकर तिवारी व संतोष तिवारी को स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
यह हुए सम्मानित...
प्रो. प्रेम सागर नाथ तिवारी, प्रो. सुषमा पांडेय, डा.सीपी गुप्ता, प्रो.अनुपम नाथ त्रिपाठी, प्रो.सुशील तिवारी, डा. विद्यावती, डा.शीला सिंह, डा.वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, डा.दयाशंकर तिवारी, डा.रमेश मणि त्रिपाठी, डा.विनय, प्रो.प्रशीला सैम, डा.विष्णु कुमार टिबड़ेवाल, प्रो. एन.एस. तुंग, प्रो.आनंद कुमार, प्रो.मधु अस्थाना, प्रमोद कुमार, प्रो.अमरनाथ राय, सुनील कुमार श्रीवास्तव, प्रो.मीना सहगल, प्रो. आर.एन. पांडेय, प्रो.आराधना शुक्ल, प्रो.एस.एन.दूबे, प्रो.मधुलिका प्रधान व वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र नाथ श्रीवास्तव शामिल रहे।

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