ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को विषय जानने में मददगार साबित होते हैं : प्रो.विनोद मोहन मिश्र
Alok Kumar Tiwari
1 year ago
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25 Sep 2024
ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को विषय जानने में मददगार साबित होते हैं : प्रो.विनोद मोहन मिश्र
-कार्यशाला विद्यार्थियों को सामर्थ्य बनाएगी :प्रो.अमृतांशु शुक्ल
-बुद्ध पीजी कॉलेज में शोध पद्धति एवं बहुचरीय विश्लेषण पर सप्त दिवसीय कार्यशाला का हुआ उदघाटन
कुशीनगर । बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर में मंगलवार को मनोविज्ञान विभाग द्वारा शोध पद्धति एवं बहुचरीय विश्लेषण पर सप्त दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने पूरे विभाग सहित सीपीएआई को शुभकामनाएं देते हुए कहा की ऐसे आयोजन से विद्यार्थियों को विषय जानने में बहुत मददगार साबित होते हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला समन्वयक प्रो.अमृतांशु शुक्ल ने बताया कि किसी भी प्रकार का शोध करने के लिए शोध की बारीकियां जानना बहुत आवश्यक है। यह कार्यशाला विद्यार्थियों को शोध के हर पक्ष से अवगत कराकर उन्हें सामर्थ्य बनाएगी। आज के प्रथम सत्र में "समाज विज्ञान में शोध की मूलभूत अवधारणा" विषय पर बोलते हुए जौनपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ.अविनाश पथार्दिकर ने शोध के प्रकारों की चर्चा करते हुए उसकी प्रक्रिया पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने अनुसंधान प्रक्रिया को बताते हुए शोध के नैतिक मूल्यों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।
दूसरे सत्र में "एपिस्टिमोलॉजिकल पोजीशन एंड रिसर्च मेथड्स" पर प्रकाश डालते हुए डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार ने शोध की विषय वस्तु,सकारात्मकता, अनुभवजन्य शोध, सामाजिक संरचनावाद और गुणात्मक अनुसंधान की विस्तारपूर्वक व्याख्या करते हुए शोध में उनके उपयोग को समझाया।
सीपीएआई के जनरल सेक्रेटरी प्रो. रामजी लाल ने अतिथि परिचय तथा विभागाध्यक्ष प्रो. रामभूषण मिश्र ने आभार ज्ञापन किया। संचालन डॉ. सीमा त्रिपाठी ने किया। कार्यशाला में विभागीय सदस्य डॉ. सत्यप्रकाश, डॉ.रीना मालवीय, डॉ.वीरेंद्र साहू सहित बड़ी संख्या में छात्र /छात्राऐ व आचार्य उपस्थित रहे।
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