दूसरे दिन बच्चों को बताया गया "लर्न, अनलर्न और रिलर्न" की अवधारणा
Alok Kumar Tiwari
1 year ago
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08 May 2025
दूसरे दिन बच्चों को बताया गया "लर्न, अनलर्न और रिलर्न" की अवधारणा
कुशीनगर। राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर के तत्वावधान में बर्मी बुद्ध विहार परिसर, कुशीनगर में आयोजित पांच दिवसीय भारतीय संस्कृति अभिरुचि पाठ्यक्रम का दूसरा दिन गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता और रुचि विकसित करने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किया जा रहा है। दूसरे दिन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अग्ग महापंडित भदन्त ज्ञानेश्वर ने अपने सम्बोधन में प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के शिक्षा संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने अपने सम्बोधन में संस्कृति और सभ्यता के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझाया तथा "लर्न, अनलर्न और रिलर्न" की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला जो ज्ञानार्जन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है। यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक बर्मी बुद्ध विहार में जारी रहेगा। इसका समापन 11 मई को सायं साढ़े चार बजे होगा। कार्यक्रम संचालन तेज़ प्रताप शुक्ल ने किया। अतिथियों के प्रति आभार तरुण शुक्ला ने व्यक्त किया गया। इस अवसर पर 85 प्रतिभागियों के साथ-साथ बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय के डॉ. विनोद सिंह, संग्रहालय के धीरेंद्र मिश्रा, बेग, ललित एवं म्यांमार बुद्ध विहार के भिक्षुगण भी उपस्थित रहे।
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