ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित हुए ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक व सफाईकर्मी
Alok Kumar Tiwari
1 year ago
97 views
25 Sep 2024
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित हुए ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक व सफाईकर्मी
- ग्राम पंचायतों में होना है आरआरसी सेंटर, खाद गड्ढे व सोख्ता का निर्माण
- वर्मी कंपोस्ट खाद के तैयार होने की विधि के बारे में दी जानकारी
कुशीनगर । वित्तीय वर्ष 2024-25 में तमकुही विकास खंड में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 41 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ है। इन ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर, खाद गड्ढे व सोख्ता का निर्माण होना है तथा जैविक कचरे से वर्मी कंपोस्ट तैयार किया जाना है। इस क्रम में उक्त सभी ग्राम पंचायतों के प्रधान, पंचायत सहायक व सफाईकर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण बरवाराजापाकड़ के आरआरसी सेंटर पर आयोजित किया गया। मंगलवार को उक्त आरआरसी केंद्र पर र पहुंचे चयनित 41 गांवों के प्रधान, पंचायत सहायक व सफाईकर्मियों को ट्रेनर व परामर्शदाता अभियंता निरंजन सिंह, अजय कुमार, अमानुल्लाह अंसारी ने बताया कि आरआरसी सेंटर में गांव के घरों से निकलने वाले प्रदूषणकारी ठोस अपशिष्ट कूड़ा कचरा को संचित किया जाएगा। बाद में इसका उचित तरीके से निस्तारण कराया जाएगा। कूड़े कचरे को रीसाइक्लिंग कर खाद के रूप में तब्दील किया जाएगा। कहा कि कूड़ा रखने के लिए सीमेंटेड कूड़ा दान बनाया गया है। घरेलू कचरा जैविक व कम विषैला होता है। पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण, ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा के प्रबंधन के लिए केंचुआ खाद बनाना एक बहुत ही उपयुक्त तरीका है। प्रशिक्षकों ने आरआरसी सेंटर, खाद गड्ढे, सोख्ता गड्ढा के निर्माण उपयोग व महत्व के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उक्त आरसीसी सेंटर में तैयार हो रहे वर्मी कंपोस्ट खाद के तैयार होने की विधि के बारे में पूर्व जानकारी दी। इस दौरान एडीओ पंचायत इमरान आलम, प्रधान प्रतिनिधि मुन्नीलाल प्रसाद, सचिव जितेंद्र यादव, खंड प्रेरक संजय सिंह व बाबूलाल, प्रधानगण धर्मेंद्र मणि त्रिपाठी, रमेश गुप्ता, अशोक पाल, हीरा यादव, अखिलेश चौहान, वीरेंद्र ओझा, गणेश गुप्ता, अरुण यादव, सुनील श्रीवास्तव, महेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे।
जरूरी खबरें
अज्ञेय ने भारतीय परम्परा को यूरोपीय आधुनिकता के साथ जोड़कर किया प्रस्तुत
Mar 08, 2026 02:55 pm