स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्मग्रंथ है संविधान : प्रो उमाशंकर त्रिपाठी
Alok Kumar Tiwari
1 year ago
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27 Nov 2024
स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्मग्रंथ है संविधान : प्रो उमाशंकर त्रिपाठी
कुशीनगर । कुशीनगर के राजकीय बौद्ध संग्रहालय में मंगलवार को हमारा संविधान हमारा अभिमान विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के पूर्व अध्यक्ष भदन्त डॉ नन्दरतन ने कहा कि संविधान दिवस केवल शासन और राजनीतिक दलों का उत्सव नहीं बल्कि संविधान निर्माणकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है। उन्होंने लोगों को सुझाव दिया कि हम सभी अपने आचरण से संविधान से प्राप्त अधिकारों व कर्तव्यों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ाने में योगदान दे। मुख्य वक्ता बुद्ध पीजी कालेज कुशीनगर के राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो उमाशंकर त्रिपाठी ने कहा कि संविधान हम भारतीयों के लिए प्रेरणादायक जीवन दस्तावेज है। यह स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्मग्रंथ है जो हम सभी का मार्गदर्शक है। उन्होंने संविधान के शिल्पी डॉ भीमराव आंबेडकर और संविधान सभा में शामिल रहे तमाम विभूतियों को याद किया। विशिष्ट अतिथि बुद्ध इंटरमीडिएट कालेज के प्राचार्य उमेश उपाध्याय ने कहा कि संविधान को अपनाये हुए 75 वर्ष हो रहे है। इसलिए यह वर्ष और अधिक महत्वपूर्ण है। समापन संविधान की प्रस्तावना की थपथ लेते हुए राष्ट्रगान से हुआ। स्वागत वरिष्ठ संग्रहालय सहायक तेजप्रताप शुक्ल ने किया। संचालन पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ प्राणरंजन द्वारा किया गया। इस दौरान कृष्ण कुमार मिश्र, तरुण शुक्ल, धीरेन्द्र मिश्र, नसीरुद्दीन वेग, विकास, चन्दन, एनसीसी कैडेट्स आदि मौजूद रहे।
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